Wednesday, 7 November 2018

modi sarkar के पांच महारथी मंत्री

नई दिल्ली। मोदी सरकार के आखिरी पांच महीने का कार्यकाल शेष बचा है और अब उसके मंत्रियों का भी लेखाजोखा का हिसाब किताब लिया जाने लगा है। एेसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा उनके पांच एेसे महारथी मंत्री हैं, जिन्होंने सुशासन के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में तस्वीर बदलने में काफी हद तक कामयाबी पाई। इनमें महाराष्ट्र से आने वाली मंत्री सबसे आगे हैं।

नितिन गडकरी 
nitin gadkari
भारी उद्योग एवं  सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के काम को सबसे बेहतरीन माना जा रहा है। उनके कार्यकाल में राजमार्ग निर्माण की रफ्तार 11 किलोमीटर से 23 किलोमीटर प्रतिदिन हो गई है। गडकरी जब सड़क परिवहन मंत्री थे, तब 96 हजार वर्ग किलोमीटर का राजमार्ग था और अब यह दो लाख वर्ग किलोमीटर होने के करीब है। यह चार साल में सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में है और इससे चार साल में करीब एक करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। यूपीए की 527 से ज्यादा बड़ी परियोजनाओं में लटके नौ लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं आज पटरी पर आ चुकी हैं। उद्योगपतियों और सरकार के बीच सामंजस्य बिठाने में माहिर गडकरी ने बुलेट ट्रेन को भी तेज रफ्तार दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में भी भारत ने तैयारी तेज की है।

पीयूष गोयल
पीयूष गोयल भी महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते हैं और सुरेश प्रभु के हाथों से उन्होंने कार्यभार अपने हाथों में लेने के बाद पेशेव
र रुख अपनाया। रेल मंत्री ने ट्रेनों की लेटलतीफी पर काफी हद तक काबू पाने में कामयाबी पाई है। रेल दुर्घटनाएं भी काफी हद तक कम हुई हैं। अधिकारियों के विशेषाधिकार भी खत्म कर दिए गए। आज प्लेटफार्म में साफ-सफाई, आराम की कुर्सियों, पेयजल, ट्रेनों के भीतर चार्जिंग, कूडे़दान, टॉयलेट जैसी यात्रियों की तमाम शिकायतें काफी हद तक दूर कर ली गई हैं। टक्कर से बचाने के लिए ज्यादातर ट्रेनों में एलएचबी कोच लग गए हैं और हाईस्पीड ट्रेनों पर काफी तेज काम चल रहा है।

अरुण जेटली
आर्थिक मोर्चे पर प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन में अरुण जेटली ने बेहतरीन काम किया है, भले ही पेट्रोल-डीजल के दामों और अन्य मुद्दों को लेकर उन्हें आलोचना झेलनी पड़ी हो, लेकिन  वित्तीय घाटे को काबू में रखने, बजट को लोकलुभावनी घोषणाओं से अलग करने, रेल बजट को आम बजट में मिलाने और एक फरवरी को बजट पेश करने जैसे तमाम कदम सराहनीय रहे हैं।
arun jaitley
जीएसटी, नोटबंदी, दिवाला एवं शोधन अक्षमता प्रक्रिया जैसे आर्थिक सुधारों के लिए जोखिम मोल लेने में उन्होंने हिचक नहीं दिखाई। 2019 में बैंकों के एनपीए में दो लाख करोड़ रुपये की कमी आनी तय है। कारोबार में आसानी, रेटिंग एजेंसियों की ओर से सुधारी गई साख जैसे तमाम संकेत साबित करते हैं कि वैश्विक मोर्चे पर भारतीय अर्थव्यवस्था की छवि सुधरी है। 400 अरब रुपये का विदेशी मुद्रा भंडार रुपये में गिरावट के बड़े झटकों को सहने में सक्षम है।

राज्यवर्धन सिंह राठौड़
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ मोदी सरकार के युवा और सौम्य स्वभाव के मंत्री हैं। उन्होंने खेल मंत्रालय में पेशेवरपन लाने का बड़ा काम किया है। खेलों का बजट बढ़ाने के साथ उन्होंने खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और वेतन-भत्तों और

सुविधाओं पर सराहनीय काम किया है। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए प्रोत्साहन राशि भी कई गुना कर दी गई है। उनके कार्यकाल में खेल रत्न और अन्य पुरस्कारों को लेकर होने वाला भाईभतीजावाद भी कम हुआ है, हालांकि भारत अभी भी खेल के मामले में कोरिया, जापान और चीन जैसे अन्य एशियाई देशों से काफी पीछे खड़ा हुआ है। राठौड़ राजस्थान भाजपा का अगला चेहरा भी माने जा रहे हैं और वसुंधरा हारती हैं तो राज्यवर्धन को अगले लोकसभा चुनाव के लिए राजस्थान भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है।

निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण मोदी सरकार की उन प्रतिभाशाली मंत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने अच्छा काम किया है। वाणिज्य मंत्रालय के बाद रक्षा मंत्रालय में आईं सीतारमण ने कई बड़े रक्षा सौदों को हरी झंडी दिखाई है, इसमें तोपों की खरीद से लेकर राफेल सौदे को सही कीमत पर खरीदना शामिल है।
हालांकि भारतीय वायुसेना को जिन 126 विमानों की जरूरत थी, उसमें से 36  जेट फाइटर भी मिले हैं। वायुसेना को अभी सौ से ज्यादा और लड़ाकू विमान की दरकार है, जिसको लेकर अमेरिका और दूसरे देशों में जंग है। सीतारमण ने अमेरिकी दबाव के बावजूद रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा कवच प्रणाली के सौदे को पूरा कराया और अमेरिका को भी इसे हरी झंडी देनी ही पड़ी।


मोदी सरकार के सारे मंत्रियों की लिस्ट यहां पर देखें












No comments:

Post a Comment